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उदयपुर / Udaipur: झीलों की नगरी उदयपुर में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए संचालित इलेक्ट्रिक सिटी बसों के नेटवर्क में बड़ा बुनियादी सुधार होने जा रहा है। उदयपुर नगर निगम (Udaipur Municipal Corporation), यूसीटीएसएल (UCTSL) और परिवहन विभाग ने शहर के प्रमुख केंद्र चेतक सर्कल (Chetak Circle) पर एक अत्याधुनिक ई-बस टर्मिनल (E-Bus Terminal) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहर के उत्तरी और पूर्वी प्रवेश द्वारों यानी अंबेरी (Amberi) और प्रतापनगर (Pratapnagar) में भी नए ई-बस टर्मिनल व चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
In a major infrastructural upgrade designed to optimize green public transit in the Lake City, the Udaipur City Transport Services and civic authorities have announced the development of a dedicated E-Bus Terminal at Chetak Circle. The strategic move aims to eliminate a massive logistical inefficiency: currently, 34 electric buses are clocking approximately 400 kilometers of “dead run” every day without passengers solely to reach distant depot facilities. Alongside Chetak Circle, two auxiliary charging terminals will be constructed at Amberi (Northern corridor) and Pratapnagar (Eastern gateway), establishing a comprehensive tri-nodal transit network across Udaipur.
सार्वजनिक परिवहन की शब्दावली में ‘डेड रन’ (Dead Run) उस दूरी को कहा जाता है जो कोई भी बस बिना यात्रियों और बिना किसी राजस्व प्राप्ति के केवल डिपो या चार्जिंग पॉइंट तक पहुंचने के लिए तय करती है।
उदयपुर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा (PM e-Bus Sewa) के अंतर्गत वर्तमान में 34 इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही हैं। हालांकि, इन बसों का मुख्य रखरखाव और चार्जिंग डिपो शहर से काफी दूर धोल की पाटी / बलीचा क्षेत्र में स्थित है। जब बसें दिन के समय अपनी सेवाएं पूरी करती हैं या बीच में बैटरी टॉप-अप की आवश्यकता होती है, तो उन्हें खाली दौड़कर डिपो लौटना पड़ता है।
आंकड़ों के अनुसार:
चेतक सर्कल पर नया टर्मिनल बनने से बसों को बीच रास्ते में ही चार्जिंग और हॉल्टिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे यह 400 किमी का डेड रन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
चेतक सर्कल ऐतिहासिक और भौगोलिक दोनों दृष्टियों से उदयपुर शहर का हृदय स्थल है। यहां से:
चेतक पर ई-बस टर्मिनल बनने से आम नागरिकों, कॉलेज विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं और पर्यटकों को एक ही जगह से शहर के किसी भी कोने के लिए सीधी और समयबद्ध इलेक्ट्रिक बस मिल सकेगी।

चेतक सर्कल के मुख्य टर्मिनल के अलावा प्रशासन ने शहर के दो प्रमुख छोरों पर भी ई-बस टर्मिनल बनाने की कार्ययोजना स्वीकृत की है:
यह त्रि-कोणीय व्यवस्था (चेतक, अंबेरी और प्रतापनगर) शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह विकेंद्रीकृत (Decentralized) और आधुनिक बना देगी। शहर में नगर निगम द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास एवं हालिया समीक्षा निर्णयों की विस्तृत जानकारी के लिए आप उदयपुर नगर निगम बोर्ड बैठक और 500 करोड़ का शहरी एक्शन प्लान देख सकते हैं।
उदयपुर विश्व के शीर्ष पर्यटन स्थलों में शुमार है। झीलों और पहाड़ियों से घिरे इस शहर में पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर ई-बसों का व्यापक संचालन वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है।
शहरी यातायात के सुगम संचालन, नाइट फूड कोर्ट और चौराहों के विस्तार संबंधी हालिया नीतिगत फैसलों के लिए पढ़ें उदयपुर यूडीए समीक्षा बैठक: टेकरी नाइट फूड कोर्ट और रानी रोड पार्किंग समाधान।
| घटक / Component | वर्तमान स्थिति / Current Status | प्रस्तावित सुधार / Proposed Upgrade |
|---|---|---|
| सक्रिय ई-बसें (Active Fleet) | 34 इलेक्ट्रिक बसें कार्यरत | चरणबद्ध तरीके से 50 बसों का पूरा बेड़ा सड़कों पर |
| चार्जिंग व्यवस्था (Charging Depot) | केवल धोल की पाटी / बलीचा में एकल डिपो | चेतक सर्कल, अंबेरी और प्रतापनगर में 3 नए फास्ट चार्जिंग हब |
| दैनिक डेड रन (Daily Dead Run) | करीब 400 किमी प्रति दिन (खाली दौड़) | शून्य (0) के करीब — टर्मिनल टर्नअराउंड चार्जिंग से बचत |
| न्यूनतम किराया (Fare Structure) | 10 रुपये से शुरू (दूरी अनुसार स्लैब) | समान किफायती दरें, डिजिटल स्मार्ट कार्ड सुविधा |
| रूट कनेक्टिविटी (Connectivity) | लीनियर (रैखिक) रूट डिपो केंद्रित | इंटरचेंज बेस्ड सर्कुलर और क्रॉस-सिटी नेटवर्क |
उदयपुर शहर के मुख्य केंद्र चेतक सर्कल (Chetak Circle) पर नया ई-बस टर्मिनल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही अंबेरी और प्रतापनगर में भी नए टर्मिनल बनेंगे।
क्योंकि शहर के भीतर कोई मध्यवर्ती चार्जिंग व हॉल्टिंग टर्मिनल नहीं था, जिससे 34 ई-बसों को चार्जिंग और ब्रेक के लिए दूरस्थ बलीचा डिपो तक खाली दौड़ना पड़ता था।
बसों की फेरियां बढ़ेंगी, समय की बचत होगी, मुख्य मार्गों पर हर 10-15 मिनट में बसें मिलेंगी और बैटरी खत्म होने की वजह से ट्रिप रद्द होने की समस्या खत्म होगी।
उदयपुर में इलेक्ट्रिक बसों का न्यूनतम किराया मात्र 10 रुपये है, जो आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए बेहद किफायती है।
अंबेरी टर्मिनल उत्तरी क्षेत्र (नाथद्वारा-सुखेर मार्ग) और प्रतापनगर टर्मिनल पूर्वी क्षेत्र (एयरपोर्ट-देबारी-रेलवे मार्ग) के यात्रियों को सीधी बिना रुकावट सेवा प्रदान करेंगे।
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