उदयपुर: राजस्थान में पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे ग्रामीणों और संभावित प्रत्याशियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग कल पंचायत चुनावों की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश भर में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी।
तबादलों पर लगेगी रोक, नई योजनाओं पर पाबंदी
चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही समूचा सरकारी महकमा चुनावी मोड में आ जाएगा। आचार संहिता लागू होने के बाद सबसे बड़ा असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ेगा। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों (Transfers) पर पूर्ण रूप से पाबंदी लग जाएगी। इसके साथ ही, सत्ताधारी दल या सरकार द्वारा किसी भी नई योजना की घोषणा, शिलान्यास या उद्घाटन कार्यक्रमों पर भी रोक रहेगी ताकि मतदाताओं को प्रभावित न किया जा सके।
उदयपुर में प्रशासनिक तैयारियां तेज
आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर उदयपुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर हैं। मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन, संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों की पहचान का काम अंतिम चरण में है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की रणनीति तैयार की जा रही है।
गांव की सरकार चुनने के लिए उत्साह
पंचायती राज चुनाव गांव की सरकार चुनने का सबसे अहम और जमीनी मौका होता है। इन चुनावों के जरिए ग्राम पंचायतों में सरपंच व पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। दावेदारों ने पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी चौपालें और जनसंपर्क तेज कर दिया है। अब सभी की निगाहें कल निर्वाचन आयोग की होने वाली अहम घोषणा पर टिकी हैं।
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