Office Address
14, Residency Road, Udaipur, Rajasthan 313001
Office Address
14, Residency Road, Udaipur, Rajasthan 313001


उदयपुर: उदयपुर जिले में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत जिला परिषद सदस्यों के चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस बार udaipur zila parishad election candidates 2026 की सूची में सामाजिक और व्यावसायिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। चुनावी मैदान में जहां एक ओर पसीना बहाने वाले मजदूर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), वरिष्ठ वकील और राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी भी ताल ठोक रहे हैं। जिला निर्वाचन विभाग के अनुसार, पहले चरण में 10 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाले 25 वार्डों में गुरुवार, 22 अक्टूबर को मतदान संपन्न कराया जाएगा। इस चुनाव में दो पूर्व विधायकों से लेकर एक वर्तमान विधायक के बेटे और भाजपा-कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्षों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
⚡ Quick Highlights: Udaipur Zila Parishad Election 2026: Candidate Profiles
उदयपुर जिला परिषद का यह चुनाव किसी विधानसभा चुनाव से कम नजर नहीं आ रहा है। इस बार udaipur zila parishad election candidates 2026 की सूची में ऐसे नाम शामिल हैं जो पहले राजस्थान विधानसभा की दहलीज लांघ चुके हैं। दो पूर्व विधायकों ने जिला परिषद सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करने के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके अतिरिक्त, एक वर्तमान विधायक के बेटे की उम्मीदवारी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दिग्गजों की मौजूदगी से न केवल मतदान प्रतिशत बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ भी मजबूत होगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने पूर्व जिलाध्यक्षों को मैदान में उतारकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे जिला परिषद बोर्ड बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। (Also read: हनुमानजी ने जलाई 100 फीट की सोने की लंका: उदयपुर में 15 मिनट में जला रावण का कुनबा, गांधी ग्राउंड में उमड़ा शहर).
“यह चुनाव केवल स्थानीय विकास का नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने का माध्यम है। उच्च शिक्षित उम्मीदवारों का आना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है।” — स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक, उदयपुर

नीचे दी गई तालिका उदयपुर जिला परिषद चुनाव के पहले चरण की प्रमुख पंचायत समितियों और वहां के उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को दर्शाती है:
| पंचायत समिति | वार्ड संख्या | प्रमुख उम्मीदवार की प्रोफाइल | मुख्य मुद्दा |
|---|---|---|---|
| गिर्वा | वार्ड 1-3 | पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता | शहरी विस्तार व पट्टे |
| गोगुंदा | वार्ड 4-6 | चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) | वित्तीय पारदर्शिता |
| झाड़ोल | वार्ड 7-9 | मजदूर एवं स्थानीय कार्यकर्ता | वन अधिकार व रोजगार |
| कोटड़ा | वार्ड 10-12 | युवा वकील | कानूनी जागरूकता व शिक्षा |
| सराड़ा | वार्ड 13-15 | विधायक पुत्र | विकास की निरंतरता |
| खेरवाड़ा | वार्ड 16-18 | पूर्व जिलाध्यक्ष (कांग्रेस/भाजपा) | पार्टी वर्चस्व |
परंपरागत रूप से ग्रामीण चुनावों में स्थानीय रसूखदारों का बोलबाला रहता था, लेकिन 2026 के इन चुनावों में शिक्षित वर्ग की भागीदारी बढ़ी है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का चुनाव लड़ना यह दर्शाता है कि अब पंचायतों के बजट और ऑडिटिंग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। वहीं, वकीलों की मौजूदगी से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता की उम्मीद की जा रही है।
इन प्रोफेशनल्स का मुकाबला उन उम्मीदवारों से है जो जमीन से जुड़े हैं और ‘मजदूर’ वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह वर्ग संघर्ष और वैचारिक मतभेद मतदाताओं के लिए निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण बना रहा है। हाल ही में शहर में हुए बड़े आयोजनों, जैसे हनुमानजी ने जलाई 100 फीट की सोने की लंका: उदयपुर में 15 मिनट में जला रावण का कुनबा, गांधी ग्राउंड में उमड़ा शहर के बाद अब जनता का ध्यान पूरी तरह से इन ग्रामीण चुनावों पर केंद्रित है।
निर्वाचन विभाग ने 22 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पहले चरण में उदयपुर जिले की 10 महत्वपूर्ण पंचायत समितियों को कवर किया जा रहा है। इन समितियों के अंतर्गत आने वाले 25 वार्डों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
मतदान दलों की रवानगी बुधवार सुबह से ही शुरू हो गई है। उम्मीदवारों ने अंतिम समय में जनसंपर्क तेज कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में सड़क, पानी और बिजली मुख्य मुद्दे बने हुए हैं। विशेष रूप से वार्ड 43 जैसे क्षेत्रों में जहां Udaipur Ward 43 Water Crisis: Kaladwas Residents Thirsty Despite 2-Year-Old Tank Standing Idle जैसी समस्याएं हैं, वहां मतदाता उम्मीदवारों से ठोस आश्वासन मांग रहे हैं।
उम्मीदवारों की प्रोफाइल का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इस बार 21 वर्ष के युवाओं से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्गों तक ने दावेदारी पेश की है। कई उम्मीदवार पोस्ट-ग्रेजुएट और पीएचडी धारक हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो केवल साक्षर हैं। यह विविधता यह सुनिश्चित करती है कि समाज के हर वर्ग की आवाज जिला परिषद सदन में गूंज सके।
युवा उम्मीदवार मुख्य रूप से डिजिटल कनेक्टिविटी और नई तकनीक के माध्यम से खेती को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं, जबकि बुजुर्ग उम्मीदवार पारंपरिक मूल्यों और सामुदायिक एकता पर जोर दे रहे हैं।
मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए जिला परिषद एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मतदाताओं का कहना है कि उन्हें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे पांच साल उनके बीच रहे। मनरेगा भुगतान, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और स्कूलों में शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दे इस बार हावी रहने वाले हैं।
प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ‘आदर्श आचार संहिता’ का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। कल होने वाले मतदान के परिणाम यह तय करेंगे कि उदयपुर की ग्रामीण राजनीति किस दिशा में मुड़ेगी।
उदयपुर जिला परिषद चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को होगा।
पहले चरण में उदयपुर जिले की कुल 10 पंचायत समितियों के 25 वार्डों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।
हाँ, इस बार चुनावी मैदान में दो पूर्व विधायक, एक वर्तमान विधायक के पुत्र और भाजपा-कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता में काफी विविधता है; इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील जैसे उच्च शिक्षित प्रोफेशनल्स से लेकर केवल साक्षर उम्मीदवार भी शामिल हैं।
Add Udaipur Mirror as a preferred source on Google to see more of our travel guides in your AI overviews.
[…] 2026: Govt MBBS Seats Close at 31,500 Rank; SC-ST Cutoff Hits 1.44 Lakh 2 seconds ago ⚡ News उदयपुर जिला परिषद चुनाव: मजदूर से ले… News हनुमानजी ने जलाई 100 फीट की सोने की […]
[…] Allotment 2026: Govt MBBS Seats Close at 31,500 Rank; SC-ST Cutoff Hits 1.44 Lakh 2 hours ago ⚡ News उदयपुर जिला परिषद चुनाव: मजदूर से ले… News हनुमानजी ने जलाई 100 फीट की सोने की […]